शुक्रवार 17 जुलाई 2026 - 12:01
अल्लाह के अलावा किसी अन्य सत्ता के अधीन होना समाज के लिए अपमान और पतन का कारण बनता है

हौज़ा / ईरान के यज़्द प्रांत में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्लाह मोहम्मद रज़ा नासिरी ने कहा कि एक मोमिन की असली इज़्ज़त अल्लाह की राह में संघर्ष करने, विलायत के मार्ग पर चलने और दुश्मनों की साज़िशों का डटकर सामना करने में है। उन्होंने कहा कि अल्लाह के अलावा किसी अन्य सत्ता के अधीन होना समाज के लिए अपमान और पतन का कारण बनता है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,ईरान के यज़्द प्रांत में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्लाह मोहम्मद रज़ा नासिरी ने कहा कि एक मोमिन की असली इज़्ज़त अल्लाह की राह में संघर्ष करने, विलायत के मार्ग पर चलने और दुश्मनों की साज़िशों का डटकर सामना करने में है। उन्होंने कहा कि अल्लाह के अलावा किसी अन्य सत्ता के अधीन होना समाज के लिए अपमान और पतन का कारण बनता है।

उन्होंने किताब अल-काफी की दो रिवायतों का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई समाज गैर-ईश्वरीय शासन को स्वीकार कर ले, तो केवल अच्छे कर्म पर्याप्त नहीं होते। वहीं, जो समाज न्यायप्रिय और ईश्वरीय नेतृत्व को स्वीकार करता है, वह अल्लाह की रहमत और क्षमा का पात्र बनता है।

आयतुल्लाह नासिरी ने कहा कि जो समाज संघर्ष और त्याग की भावना छोड़कर केवल आराम की ज़िंदगी चाहता है, वह धीरे-धीरे अपमान, कठिनाइयों, सम्मान की हानि और अंततः अपने न्यायपूर्ण शासन के पतन का सामना करता है।

उन्होंने इमाम ख़ुमैनी र.ह. के पेरिस से ईरान लौटने का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सभी खतरों के बावजूद इमाम अपने निर्णय पर अडिग रहे और कहा, "हम अपना कर्तव्य निभाते हैं, बाकी अल्लाह पर छोड़ देते हैं।इसी भरोसे और दृढ़ता से विरोधियों की योजनाएँ विफल हो गईं।

उन्होंने क़ुरआन की आयत यदि तुम सब्र और तक़वा अपनाओ, तो दुश्मनों की चालें तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकेंगी का उल्लेख करते हुए कहा कि संघर्ष के साथ तक़वा भी ज़रूरी है। इसका अर्थ है कि इंसान गुनाह, झूठे आरोप और किसी मोमिन या धार्मिक व्यक्ति का अपमान करने से बचे।

अंत में उन्होंने राष्ट्रीय एकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि समाज में फूट नहीं पड़ने देनी चाहिए। उन्होंने उलेमा और छात्रों से इमाम ख़ुमैनी, इस्लामी क्रांति के नेताओं और शहीदों के जीवन का अध्ययन करने तथा अपने अच्छे चरित्र और आचरण से समाज में सुधार और युवाओं को सही मार्ग की ओर प्रेरित करने का आह्वान किया।

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